आज एक महज़ संयोग ही है। एक तरफ राम नवमी है, उस मर्यादा पुरुषोत्तम का उत्सव जिसने हमें सीमाओं में रहकर जीना सिखाया। और दूसरी तरफ आज विश्व रंगमंच दिवस भी है, उस कला का जश्न जो हर सीमा को तोड़ने का दम रखती है। हम जैसे सिनिकल लोगों के लिए, यह जिंदगी अक्सर एक ऐसे ही नाटक जैसी लगती है जिसका डायरेक्टर गायब है और कलाकार बिना रिहर्सल के अपनी-अपनी लाइनें बोल रहे हैं। लेकिन शायद सार यही है। जीवन -मृत्यु पर लिखी एक मार्मिक कविता - मृत्यु आँखों के दरवाजे जब आप बंद करके देखेंगे तो पाएंगे कि राम एक मामूली किरदार नहीं वो असल में 'किरदार' की पराकाष्ठा हैं। उन्होंने इस नश्वर जगत में अपनी भूमिका एक बेटे, भाई, पति और राजा की इतनी शिद्दत से या बोलें तो ऐसे लीन होकर निभाई कि आज के शॉर्ट-टर्म कमिटमेंट और कैजुअल एप्रोच वाले दौर में वह नामुमकिन सा लगता है। मज़े की बात यह है कि उन्होंने अपनी लाइफ की स्क्रिप्ट को तब भी पवित्र माना, जब कहानी में उनके साथ नाइंसाफी हुई। वहीं, रंगमंच हमें याद दिलाता है कि पूरी दुनिया एक स्टेज है। हमारा प्यार, गुस्सा, हमारा भक्ति भाव, यहाँ तक कि हमारा यह...
"एक चुम्मा तू मुझको उधार दे दे, और बदले में यूपी बिहार ले ले" गाने में उधार शब्द ऐसे ही उधार ले लिया होगा। बाकी उधार जैसा इसमें कुछ भी नहीं है। मतलब सीधा - एक चुम्मा दो और यूपी बिहार ले लो। नो उधारी, डायरेक्ट विनिमय - बार्टर सिस्टम। सरल समीकरण : 1 चुम्मा = यूपी + बिहार गुलाबो का प्यार बार्टर सिस्टम एक ऐसी विनिमय (लेन-देन) प्रणाली है जिसमें आवश्यकताओं का दोहरा संयोग होता है। यानी आपको एक ऐसे व्यक्ति को ढूंढना होगा जिसके पास वह समान हो जो आपको चाहिए और उसे वह चाहिए जो आपके पास है। साफ-साफ शब्दों में समझें तो - दिल लेने की रुत आई, दिल देने की रुत आई। भई, आज के Gen-Z या कलयुगी प्यार के मूल में तो बार्टर सिस्टम ही है। जैसे 'तुम मुझे रोज गुड मॉर्निंग भेजो ; मैं तुझे आई लव यू भेजूंगा! " " मैं तुम्हारी फोटो पर कमेंट करूंगा ; तुम मेरी स्टोरी पर दिल वाला रिएक्शन दे दो !" इस तरह के Give & Take Pvt. Ltd. प्रेम वाला स्टार्टअप अब तो यूनिकॉर्न बनता जा रहा है। तत्कलीन समय में प्रेम सिर्फ देने का नाम नहीं रह गया है । यह एक द्विपक्षीय निवेश बन चुका ह...