माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई। आप अच्छे वक्ता तो हैं ही, अच्छा श्रोता भी बनें। आप अपने मन की बात करते रहें तथा जन के मन की भी बात सुनें। आप दीर्घायु होवें। प्रधानमंत्री जी हिंदुस्तानी समाज पुरातन काल से सामरिक रहा है लेकिन बीच में कुछ बकलोल आये और हम बकलोली का शिकार बन गए ,फिर भी इन सबके बावजूद हम और हमारा गांव समसरता के आधार पर टिका रहा , आशावान हूँ कि इसे जस का तस रखा जाएगा। एक बार फिर हम नौजवान भारतवासियों की ओर से जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं।
सर, सुने हैं कि बर्थडे के दिन कोय झूठ नय बोलता है। एकदम सच्ची-मुच्ची वाला प्रोमिस करता है। सर याद है ना आप बोले थे कि नौकरी का झड़ी लगा देंगे। सबको रोजगार देंगे। मन भर वैकेंसी निकालेंगे। पर यहाँ त खाली लुल्ल बटे सन्नाटा है। जो पैसा बाबूजी से तैयारी के लिए लेते थे, नोटबंदी कर उसका भी माय-बहिन एक कर दिए हैं। बचा-खुचा जो रक्खे थे खैनी-बीड़ी के लिए बैंकवा में वहाँ भी ₹5000 का मिनिमम बैलेंस रखने के लिए एम.टायरा और आर एस अग्रवाल का कैलकुलेशन कम पड़ रहा है। क्या है ना सर पुड़िया चबाने से कंसन्ट्रेशन थोड़ा ज्यादा बनता है। रोज़ एक-आध घंटे एक्स्ट्रा रगड़ देते हैं। ऊ का है ना सर, हमरा माय दुर्गा माय को एकगो पठवा कबूली है कि बेटा कहीं सेट हो जाय। सुने हैं कि आप तो सरपट भुखले रहते हैं 9 दिन। एकबार अरजी लगाइएगा न दुर्गा माय से कहीं कुछ आपको सद्बुद्धि मिल जाय । सहिये सरकार हमलोग का बेड़ा पार हो जाएगा। ज़रूर सोचियेगा हमरे बात पर ।
सर, सुने हैं कि बर्थडे के दिन कोय झूठ नय बोलता है। एकदम सच्ची-मुच्ची वाला प्रोमिस करता है। सर याद है ना आप बोले थे कि नौकरी का झड़ी लगा देंगे। सबको रोजगार देंगे। मन भर वैकेंसी निकालेंगे। पर यहाँ त खाली लुल्ल बटे सन्नाटा है। जो पैसा बाबूजी से तैयारी के लिए लेते थे, नोटबंदी कर उसका भी माय-बहिन एक कर दिए हैं। बचा-खुचा जो रक्खे थे खैनी-बीड़ी के लिए बैंकवा में वहाँ भी ₹5000 का मिनिमम बैलेंस रखने के लिए एम.टायरा और आर एस अग्रवाल का कैलकुलेशन कम पड़ रहा है। क्या है ना सर पुड़िया चबाने से कंसन्ट्रेशन थोड़ा ज्यादा बनता है। रोज़ एक-आध घंटे एक्स्ट्रा रगड़ देते हैं। ऊ का है ना सर, हमरा माय दुर्गा माय को एकगो पठवा कबूली है कि बेटा कहीं सेट हो जाय। सुने हैं कि आप तो सरपट भुखले रहते हैं 9 दिन। एकबार अरजी लगाइएगा न दुर्गा माय से कहीं कुछ आपको सद्बुद्धि मिल जाय । सहिये सरकार हमलोग का बेड़ा पार हो जाएगा। ज़रूर सोचियेगा हमरे बात पर ।
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सरकार आपके तीन साल के राज में योजना तो एतना आया कि एयरटेल ओर वोडाफोन भी फेल।एकबारगी लगा कि साला अबकी बार हम सब का काया पलट हो जाएगा।सच कहते हैं सर मन गदगदा गया। पर हुजूर एक-एक कर योजना का बिछौना पर जाने से सहिये बोलते हैं मन हमरा गदिया गया है। सर ई सत्तर साल में बहुत लॉलीपॉप खाये अब लगता है कि हमको शुगर हो जाएगा। शुगर हो जाने से पहले कुछ दवाय-दारू का इंतज़ाम कर दीजिए।
एक बात और सर, ऊ जो 2014 के चुनाव में बोले थे कि कालाधन का सबके एकाउंट में 15-15 लाख दिया जाएगा। सर कुछ दे देते तो बियर-शियर का पार्टी कर लेते। एकदम झक्कास टाइप आपका बड्डे मनाते। नवरात्री के पहले पार्टी...बाप रे बाप...हमरा मुँह पनिया गया है ।
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