आखिरकार प्रधान सेवक के भतीजी की चोरी हुई बैग मिल गयी। इस खतरनाक आपरेशन को दिल्ली के 700 जवानों द्वारा 24 घंटे के भीतर सम्पन्न किया गया। वैसे, महीने दिन पहले भीड़-भाड़ वाले इलाके CP में गनपॉइंट पर सामान लूट लिए गए लेकिन FIR वाली फ़ाइल दूसरी टेबल पर नहीं पहुंच पाई, दो साल से ऊपर हो गए नजीब को JNU से गायब हुए और कहानी ठंडे बस्ते में , सिर्फ दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में छोटे-मासूम बच्चों के अपहरण (किडनी गैंग) का अगर डेटा देखेंगे तो दिमाग झन्ना जाएगा । फेहरिश्त लंबी है ऐसी कहानियों की जिन्होंने बिना उपचार के ही दम तोड़ दी। लेकिन PM के समबन्धियों का सामान सही सलामत वापिस आ गया इससे ज़्यादा ख़ुशी की बात क्या हो सकती ै। ये पर्स वाला मामला भले नया हो लेकिन इतिहास में थोड़ा पीछे जाएं तो ये आपको और चौकायेगा। ऐसी कई घटनाएं हुयी जिसमे समाज और सामाजिक व्यवस्था को दरकिनार करते हुए एक खास लोगों पर केंद्रित रही और यह अनवरत है। ये ख़ास लोग अपनी सुख -सुविधाओं के अनुसार कानून बनाते है और समय समय पर इसमें परिवर्तन भी। रोमन साम्राज्य को अगर आप पढ़ेंगे तो जानेंगे की एक र...