वशिष्ठ नारायण (Vashishtha Narayan Singh) अब स्वर्गीय हो चुके हैं। हालाकि इनका जीवन अधिकतर गुमनामी में बीता | फिर भी , कुछ महीनों से अपनी लाचारगी, सरकारी लापरवाही और बीमारी के कारण फेसबुक, ट्विटर आदि जैसे सोशल मीडिया पर छाए हुए थे । अपनी जवानी में 'वैज्ञानिक जी' के नाम से मशहूर वशिष्ठ नारायण सिंह पिछ्ले ४० वर्षों से मानसिक बिमारी सिजोफ्रेनिया (मनोविदलता) से पीड़ित थे . वशिष्ठ नारायण अपने भाई के साथ वशिष्ठ नारायण का प्रारंभिक जीवन : इनका जन्म 2 April 1942 को बिहार के भोजपुर जिले के बसंतपुर गाँव में हुआ था . इनके पिता लाल बहादुर सिंह पुलिस विभाग में कांस्टेबल थे और माँ लह्सो देवी घर के काम काज संभालती थी . #वशिष्ठ_नारायण बचपन से प्रतिभाशाली थे . पटना साइंस कॉलेज में बतौर छात्र गलत पढ़ाने पर अपने गणित के अध्यापक को बीच में ही टोक देते थे . जब यह बात कॉलेज के प्राध्यापक को पता चला तो इनकी अलग से परीक्षा ली गयी जिसमे उन्होंने सारे रिकॉर्ड तोड़ डाले . और पढ़ें - काशी का अस्सी हे ताड़िका ! हमें ताड़ो। हमें निहारो।। भारतीय कृषि : समस्य...